Moral Thoughts

रोज कुछ समय मन के मकान को साफ करने के लिए भी जरूर दिया करें, वरना एक दिन ऐसा आएगा कि प्रेम, सुविचार, विश्वास, लग्न, संतोष आदि पर धूल जम जाएगी और अंततः  ये मकान बैठने लायक ही नहीं रहेगा।

दूसरों से बड़ा होने और दूसरों को अपने से छोटा मानने में बहुत अंतर होता है।  इसलिए खुद बड़े बनिए, दूसरे को अपने से छोटा मत मानिए।